Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1


बचपन एक ऐसा समय होता है हर शक़्स की ज़िन्दगी में, जब वह सबसे ज़्यादा सवाल पूछता है और इन ही सवालों के ज़रिये सीखता है

ऐसे में कहानियां एक बहुत ही अच्छा माध्यम होता है हस्ते खेलते बच्चो को अच्छी और महत्वपूर्ण बातें ज़िन्दगी भर के लिए सीखा देता है

बच्चे बचपन में अपने मार्गदर्शक ढूंढते हैं

ऐसे में अच्छी कहानियां ( Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1) उन्हें वह मार्गदर्शक ढूंढने में मदद करती है

हमने ऐसे ही कुछ कहानियों का एक संघ्रह बनाया है जो आपके बच्चो को हसते खेलते हुए गहरी शिक्षा भी दे जाएगी  


Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1





1) मोर और उसके पैर - Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1



एक जंगल में एक मोर रहता था

जो बहुत ही सुन्दर दिखता था

जंगल के सभी लोग सुंदरता में उसका ही उदाहरण देते थे

एक दिन मोर बड़ा ही उदास और मायूस सा एक कोने में बैठ के रो रहा था

यह देख कर पास ही बैठा एक बूढ़ा बन्दर उसके पास गया और पूछा

बन्दर - " क्या हो गया बेटा तुम रो क्यों रहे हो "

मोर - " क्या बताऊं बन्दर चाचा, मेरे में कितनी कमियां हैं, बस उन्हें ही याद कर कर के अपनी किस्मत पर रो रहा हूँ"

यह सुन कर बन्दर एकदम अच्चम्भे में पड़ गया था 

जिस मोर की पूरा जंगल मिसालें डेरा हो वह ऐसे बैठ के अपनी कमियों पर रो रहा था 

मोर - " न तो मेरे पैर शुतुरमुर्ग (ऑस्ट्रिच) जैसे ताकतवर और तंदरुस्त है, न ही मेरी आवाज़ कोयल जैसी मीठी "

मोर - " बस यही सोच कर मै रो रहा हू "

इस पर बन्दर ने उसे समझाया

बंदर - " बेटा हर जीव में भगवान् ने कुछ न कुछ अच्छाइयां और कुछ कमज़ोरियाँ डाली है "

बंदर - " जिस तरह न तो तुम्हारे पैर शतुरमुर्ग जैसे तंदरुस्त है न ही तुम्हारी आवाज़ कोयल जैसी मीठी उसी तरह न कोयल न शुतुरमुर्ग के पास तुम्हारी जैसी खूबसूरती है "

बंदर - " हम अपनी ज़िन्दगी का सबसे ज़्यादा वक़्त यही सोचने में निकाल देते है की हमारे पास क्या नहीं है, जबकि ऐसे कई लोग है जो हमसे बहोत काम होते हुए भी खुश और संतुष्ट है "

यह सुनकर मोर को तुरंत समझ आ गया की हर एक व्यक्ति को भगवान् ने अलग अलग खूबियों से बनाया है

और जिस चीज़ के होते हुए भी हम दुखी हैं उससे कई काम में भी लोग सुखी और संतुष्ठ होते हो कर खुश रहते हैं 


Moral (Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1):

यह कहानी हमें अपनी खूबियां पहचान कर उन्हें बेहतर करने की सलाह देते हुए बेवजह में दूसरों के साथ तुलना से बचना सिखाती है 

जिस तरह एक ही हाथ की पांचो उँगलियाँ तक एक जैसी खूबियों के साथ नहीं होती ठीक उसी तरह हर इंसान का अपना अलग महत्व होता है

तो बेवजह की तुलना से बचें और खुश रहना सीखें 


Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1




2) शेर और चूहा - Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1



एक जंगल में एक बहुत ही बड़ा ही ताकतवर और बल शाली शेर रहता था 

वह उस जंगल का राजा था

उसकी एक दहाड़ ही पूरे जंगल में दहशत पैदा कर देती थी

एक दिन ऐसे ही जंगल में शिकार करते करते उसके पंजे में एक काँटा घुस गया 

अब काँटा बहुत ही छोटा सा था, जिसकी वजह से वो शेर उसे निकाल भी नहीं प् रहा था 

साथ ही काफी अंदर तक लगे होने की वजह से शेर को खून भी आ रहा था

पर क्यूंकि शेर जंगल का राजा था और इतना बलवान भी था तो उसे किसिस से मदद मांगने में हिचकिचाहट हो रही थी

बस बेचारा अपने घमंड में कुछ दिन तक सही से चल भी नहीं पा रहा था 

इसी वजह से वह काफी कमज़ोर भी हो गया था

और उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था की करे तो करे क्या

इसी दुविधा में वो जा कर एक पेड़ के नीचे बैठ गया 

थोड़े समय में उसे नींद आ गयी

कांटे की वजह से वो काफी समय से ढंग से सो भी नहीं पाया था

उसे सोते देख कर वहीँ पास में एक मिल में रह रहे चूहे ने उसके पैर को देखा तो उसका दिल भर आया

शेर का पूरा पैर लहू लहान हो गया था

और काँटा और अंदर चला गया था

जब वो चूहा उसके कांटे को देख ही रहा था की शेर की नींद खुल गयी दर्द की वजह से

फिर क्या था, चूहा दर कर पेड़ के पीछे चला गया 

पर शेर ने उसे देख लिया था

जैसे तैसे हिम्मत जूता के चूहे ने शेर से बोला

चूहा - " शेर जी, मै आपका ये काँटा निकलने में आपकी मदद कर सकता हूँ, इससे आपको काफी तकलीफ हो रही होगी"

कुछ समय के लिए शेर को विश्वास नहीं हुआ की वो सुन क्या रहा है

उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था की उसे कभी एक छोटे से चूहे की भी ज़रूरत पड़ सकती है

पर यही होता है कुदरत का करिश्मा

थोड़ी देर सोचने के बाद शेर ने चूहे की मदद ली 

चूहे ने धीरे धीरे कर के कांटे को बड़ी आसानी से निकाल दिया

यह देख कर शेर बहोत ही ज़्यादा खुश था

उसने चूहे को शुक्रिया करके कहा की कभी भी उसे किसी भी मदद की ज़रूरत पड़े तो शेर को ज़रूर याद करना

ऐसा कह कर वो दहाड़ मारते हुए ख़ुशी ख़ुशी जंगल में चला गया


Moral (Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1):


इस कहानी से हमें काफी सीखें मिलती है

1)  कभी भी मदद मांगने से मत हिचकिचाओ, हमें बनाया ही ऐसे गया है इस दुनिआ में की हम एक दूसरे को पूरा करते हैं

कोई भी एक इंसान हर चीज़ खुद से नहीं कर सकता

सबकी कुछ न कुछ कमियें, तो कुछ हुनर होता है

2)  कभी भी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए, सब में अपनी अपनी खूबी होती है

जिस तरह एक सुई और एक तलवार दोनों ही अपनी जगह कारगर है और एक दूसरे की जगह नहीं इस्तेमाल किये जा सकते

3)  कभी भी किसी की मदद करने में संकोच मत करो, भले ही वो व्यक्ति तुमसे कितना ही बड़ा भी क्यों न हो

अगर चूहा शेर की मदद करने की हिम्मत नहीं करता, तो न ही शेर का पैर सही होता, न ही चूहे को ज़िन्दगी भर के लिए एक शेर जैसा दोस्त मिलता  



Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1



3) कबूतर और मधुमक्खी - Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1



एक समय की बात है एक नदी के पास एक मधुमक्खी का छत्ता था

उसमे कई साड़ी मधुमक्खियां रोज़ फूलों से रास चूस कर शहद जमा करती थी

एक दिन एक मधुमक्खी थक कर प्यासी हो गयी

अपनी प्यास बुझाने वो नदी के ऊपर उड़ते हुए पानी पीने लगी

तभी एक ज़ोर की पानी की लहर ने उसे पानी में डूबा दिया 

बस फिर उस मधुमक्खी के पर गीले हो गए, और वो उड़ने के लायक नहीं बचे

अब उस मधुमक्खी की मौत लगभग निश्चित ही थी

इतने में ऊपर से उड़ रहे एक कबूतर ने उसे देख लिया था

वह तुरंत ही पास पड़े एक पत्ते के चोंच में लेकर मधुमक्खी की मदद करने पहुंच गयी

उसने मधुमक्खी को पत्ते पर उठा के उड़ते हुए समुन्दर के किनारे छोड़ दिया

थोड़े समय में सूरज की गर्मी से मधुमक्खी के पंखो का पानी सुख गया और वह वापस उड़ कर अपने छत्ते में चली गयी

इस बात को काफी दिन बीत गए

एक दिन कबूतर एक पेड़ की टहनी पर बैठ हुआ था और ऊपर ही एक बाज उसे खाने क लिए मंडरा रहा था

साथ ही पेड़ पौधों में छिपा एक शिकारी भी कबूतर का शिकार करने को पूरा तैयार बैठा था

अब अगर कबूतर पेड़ पर ही बैठा रहता तो शिकारी का शिकार बन जाता, और अगर उड़ता तो बाज उसे पकड़ लेता

ऐसी दुविधा में उसे अपनी मौत तय दिख रही थी

तभी यह मंज़र उस मधुमक्खी ने देख लिया जिसकी कुछ दिनों पहले उसी कबूतर ने जान बचाई थी

बस फिर क्या था, बिना समय गवाए, उस मधुमक्खी ने अपने दोस्तों क साथ उस शिकारी पर हमला बोल दिया

इस झटपटाहट में शिकारी के हाथ से तीर चल गयी

पर क्यूंकि उसका निशाना हिल चुका था

तीर कबूतर की जगह, बाज के एकदम पास से निकली

यह देख कर बाज बुरी तरह डर कर तुरंत वहां से भाग गया


Moral (Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1):

1)  इस कहानी से हमे सबसे बड़ी शिक्षा मिलती है, की हमे दूसरों की हमेशा मदद करनी चाहिए, क्यूंकि ऐसा करने से जो सुकून मिलता है वह और किसी चीज़ से नहीं मिल सकता

2)   दूसरों की जब हम मदद करते हैं तो, हम उनके साथ एक ज़िन्दगी भर चलने वाली दोस्ती बना बैठते है, जो की जब आप सोच भी नहीं सकते तब आपकी मदद कर देती है


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4) भेड़िया आया बचाओ !!! - Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1



एक छोटे से गांव में एक लड़का रहता था, जो बकरियें चराता था

वह रोज़ अपनी बकरियों को लेकर पास के एक पहाड़ पर चराने ले जाया करता था 

काफी दिनों से बकरियां चराते चराते वह अकेला बोर हो जाया करता था

इस वजह से उसने एक दिन एक मज़ाक करने की सोची

वह ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लग गया की एक भेड़िया आ गया है, और कोई आ कर उसकी बकरी को बचाओ 

वह काफी देर तक ऐसे ही चिल्लाते रहा

भेड़िया आया बचाओ !!!  भेड़िए आया बचाओ  !!!

उसकी आवाज़ सुन कर सारे गांव वाले अपना काम धंधा छोड़ कर उसे बचने के लिए वहां पहुंचे

और जब वहां पहुंच के देखा तो कोई भेड़िया नहीं था

लड़का मज़ाक कर रहा था

यह देख कर उन्हें बहुत गुस्सा आया, और उसे बुरा भल बोलते हुए सब वापस अपने काम पर चले गए

लड़के को बहुत मज़ा आया, और वह रोज़ ऐसे ही चिल्ला कर मज़े लेने लग गया

अगले दिन भी कुछ लोग, इसे सच समझ कर उधर आ गए

पर फिरसे उसे मज़ाक करता देख बहुत गुस्सा हो गए

रोज़ कुछ कुछ लोग काम होते गए, पर फिरभी कोई न कोई उसे सचमे मुसीबत में समझ कर बचने आ जाता था

बड़े दिनों क बाद सबको पता चल गया था की ये झूठ बोल कर मज़ाक करता है रोज़

ऐसे कई दिन बीत गए

एक दिन बकरियां चराते चराते लड़के के पास सचमे भेड़िए आ गया 

लड़के ने जैसे तैसे भाग कर अपनी जान बचाई

पर भेड़िया उसकी बकरियें खा गया 

वह बहोत देर तक चिल्लाता रहा 

भेड़िया आया बचाओ !!!  भेड़िया आया बचाओ !!!

पर उसे बचने कोई नहीं आया

सब समझ रहे थे ये रोज़ की तरह ही झूठ बोल रहा है


Moral (Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1):


यह कहानी हमें सिखाते है की अगर हम रोज़ झूठ बोलेंगे तो समय के साथ लोग हमारी वैसी ही छवि अपने ज़हन में बना लेते है

इससे यह होता है की जब हम सच भी बोलते हैं तो कोई हम पर विश्वास नहीं करता

इसलिए झूठ बोलने से बचें वरना उस लड़के की तरह ही आप पर भी लोग विश्वास करना छोड़ देंगे

और फिर आप लाख कोशिश भी क्यों न कर ले, उस विश्वास को वापस पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है 



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5) भालू और दो दोस्त - Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1



एक बार दो दोस्त एक जंगल से हो कर अपने गांव लौट रहे थे

जंगल से आते वक़्त दोनों ही बड़ी सावधानी से इधर उधर देख रहे थे की कहीं कोई जंगली जानवर न हमला कर दे उन पर

इतने में एक भालू उन्हें अपनी तरफ आता दिखा 

भालू को देख कर दोनों ही दोस्त बहोत डर गए थे

उसमे से एक दोस्त को पेड़ पर चढ़ना आता था 

उसने बिना अपने दूसरे दोस्त के बारे में सोचे पेड़ पर चढ़ना शुरू कर दिया

दूसरे दोस्त को पेड़ पर चढ़ना नहीं आता था

वोह देख रहा था की दूसरा दोस्त उसकी मदद कर देगा

पर वो अपनी ही जान बचाने में, अपने दोस्त के बारे में कुछ भी सोचने से बच रहा था

दोस्त को यह देख कर बहुत ही बुरा लगा

उसे तभी बचपन में पढ़ी एक बात याद आयी की जानवर अक्सर मरे हुई चीज़ों को नहीं खाते

वह तुरंत ही ज़मीन पर गिर कर मरने की नक़ल करने लग गया 

बस फिर क्या था, भालू उधर आ कर उसे सूंघ कर उसके आस पास घूम कर वहां से चला गया

भालू के जाते ही, पेड़ पर चढ़ा दोस्त नीचे उतर कर ज़मीन पर लेटे दोस्त के पास आकर उस से पूछने लगा

क्या हुआ दोस्त, उस भालू ने तुम्हारे कान में क्या कहा

इस पर उसके दोस्त ने जवाब दिया, भालू ने कहा " नकली दोस्तों से दूर रहना " 


Moral (Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1):

यह कहानी हमे सिखाती है, की हमे अपने दोस्तों का चयन बड़ी ही समझदारी से करना चाहिए

असली दोस्त वही होता है जो मुसीबत में भी आपका साथ दे, क्यूंकि सुख में तो जो जानते तक नहीं वह भी दोस्त बनते है

अपने दोस्तों को बड़ी ही सावधानी से चुनें, साथ ही खुद भी एक सच्चे दोस्त बनने का प्रयत्न करें 




6) जन्नत और जहन्नुम की सैर - Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1



एक आदमी ने ज़िन्दगी भर बहुत अच्छे काम किये थे, उसकी इसी बात से खुश हो कर भगवान ने उसे मरने से पहले जन्नत और जहन्नुम दोनों घुमाने का वरदान दिया

भगवान के दिए इस वरदान को पूरा करने के लिए एक फरिश्ता वहां आया

वो फरिश्ता उस आदमी को पहले जहन्नुम की सैर पर ले गया

वहां उसने देखा की एक बड़े से टेबल पर बहुत सारे पकवान रखे हुए थे

उसे लग रहा था की जहन्नुम में लोगों को खाने पीने को नहीं मिलता होगा, तो यह देख कर वो भौचक्का रह गया

पर उसने देखा की वहां बैठे लोगों के हाथों में बड़े बड़े चम्मच और कांटे बंधे हुए थे

और बड़े बड़े चम्मच और कांटे बंधे होने की वजह से उनके हाथ मुड़ नहीं पा रहे थे

इस वजह से वह कुछ पी खा नहीं रहे थे

यह देख कर उन्हें उनकी हालत पर बहुत तरस आया

उसके बाद उसने फ़रिश्ते को जन्नत की सैर करवाने के लिए कहा

इस पर फरिश्ता उसे जन्नत में ले गया

वह आदमी सोच रहा था की जन्नत में लोग बहुत ही सुख में बड़े बड़े महलों में होंगे

पर जब वह जन्नत पंहुचा तो उसने देखा की वह भी लोग एक बड़े से टेबल के दोनों तरफ लोग बैठे हुए थे

इन लोगों के भी हाथों में बड़े बड़े चम्मच और कांटें बंधे हुए थे

पर यहाँ पर लोग खुश थे, क्यूंकि वो खुद खाने के बजाए

बड़े बड़े चम्मच से एक दूसरे को बिना हाथ को मोड़े खिला रहे थे

इस से सब को खाना मिल रहा था और सब खुश थे


Moral (Short Hindi Stories with Moral Values for Class 1):

यह कहानी सिखाती है की एक जैसी परिश्थिति में भी आपका एक दूसरे के प्रति व्यवहार बताता है की आप अपने आस पास जन्नत बनाते है की जहन्नुम

जहाँ कई लोग एक अच्छी स्तिथि में भी आपसी मतभेद की वजह से खुश नहीं रह पाते

वहीँ कई लोग एक बुरी स्तिथि में भी आपसी साथ की वजह से ख़ुशी के साथ समय व्यतीत कर पातें है



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