Short Hindi Stories with Moral Values - प्रेरणा से भरपूर कहनियाँ
Stories are a great way of communicating your feelings without making the other person feel bored, so a collection of Short Hindi Stories with moral values to enlighten you.
कहनियाँ अपनी भावनाए बताने का एक बहुत ही अनोखा ज़रिए होता है, जो आप को बिना बोर करे शिक्षा भी देती है
अगर इन कहानियो को पढ़ने पर आपमें ज़रा भी मोटिवेशन जागती है तो इसे अपने दोस्तों और परिवार वालों में भी फैलाएं
1) एक गुस्सैल बच्चा - Short Hindi Stories with Moral Values
एक बार की बात है एक शहर में एक बच्चा अपने माता पिता के साथ रहता था
बच्चा बहुत ही गुस्सैल था
वह अपने टीन्स में था, इसलिए शारीरिक बदलावों के कारण और भी ज़्यादा गुस्सैल हो गया था
वह बार बार हर किसी से हर छोटी बात पर लड़ लेता था
उसके माता पिता भी उसे समझा समझा के परेशान आ गए थे
एक दिन उसके दादाजी अपने बेटे से मिलने उनके शहर आए थे
तब उन्होंने देखा की उनका पोता बहुत ही गुस्सैल हो गया है
इस पर उसके दादजी उस बच्चे के पास जा कर उससे बात करने लगे
वह बच्चा अपने दादाजी की बहुत इज़्ज़त करता था
दादजी के पूछने पर उसने बताया की वह खुद भी अपने इस गुस्सैल रवैये से तंग आ चूका है
और इतना गुस्सा करने की वजह से उसके सारे दोस्त भी उससे दूर हो चुके थे
यह सुनते ही दादाजी ने एक कीलों से भरा थैला और एक हथौड़ा, उस बच्चे को पकड़ा दिया
और बोले की जब भी तुम्हे गुस्सा आए, एक कील जाके अपने घर के सामने लगी लकड़ी की दीवार पर ठोक देना
बच्चा अपने दादाजी के कहे अनुसार ऐसा करने लगा
पहले दिन उसने दीवार पर कुल 34 कील ठोक दिए
अगले दिन वो कील ठोक ठोक के थोड़ा थक गया था और हर कील उसे याद दिलाता था की वो गुस्सा कर रहा है
अगले दिन उसने कुल 30 कील ठोके
ऐसे रोज़ उसके कील कुछ कुछ काम होते गए
और एक महीने में उसके कील दिन में बस एक दो हो गए थे
एक महीने बाद दादाजी ने जब यह देखा तो उसके पास गए
लड़का बोला - " दादाजी हर कील मुझे मेरे गुस्सैल होने के बारे में याद दिलाता था, और साथ ही गुस्सा काम करने की सलाह देता था "
लड़का - " बस यही वजह रही की मेरे कील दिन बा दिन काम होते चले गए"
लड़का - " पर दादाजी मेरे अभी भी कोई दोस्त नहीं है "
दादाजी उसकी बात ध्यान से सुन रहे थे
यह पूछने पर, वह उसे लेकर उस दीवार के पास गए
फिर उन्होंने एक कील निकला, फिर दूसरा, ऐसा करके उन्होंने आठ दस कील निकाल दिए
जब आठ दस कील निकल गए, तो दीवार पूरी तरह से छेदों से भरी हुई थी
दादाजी - " बस इस दीवार पर छूटे निशानों की ही तरह तुम्हारे अपनी बात वापस लेने के बाद भी तुम्हारी कही बातो के निशान सामने वाले पर हमेशा के लिए रह जाते है "
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values):
यह कहानी कई सीख देती है
1) सही समय पर सही शिक्षक आप की ज़िन्दगी बदल सकता है
इसलिए सही शिक्षक ढूंढिए
इसी तरह एक बुरा शिक्षक आपकी पूरी ज़िन्दगी खराब कर सकता है
तो अपना शिक्षक पूरी ज़िम्मेदारी से चुनें
2) गुस्से में कही हुई बातें चाहे कितनी भी झूठी क्यों न हो, पर सामने वाले पर जो असर करती है उसे मिटाना लगभग नामुमकिन ही होता है
गुस्से में कुछ भी बोलने से बचें
क्यूंकि रिश्ते बनाने में काफी समय लगता है, पर तोड़ने में बस एक सेकंड
3) अपने अंदर सीखने और सुधार करने की शक्ति को कभी ख़त्म मत होने देना
अगर वह लड़का यह पूरी युक्ति आज़माता ही नहीं तो कभी सुधर नहीं पता
इसलिए कुछ सीखने का जज़्बा अपने अंदर हमेशा ज़िंदा रखो
बच्चा बहुत ही गुस्सैल था
वह अपने टीन्स में था, इसलिए शारीरिक बदलावों के कारण और भी ज़्यादा गुस्सैल हो गया था
वह बार बार हर किसी से हर छोटी बात पर लड़ लेता था
उसके माता पिता भी उसे समझा समझा के परेशान आ गए थे
एक दिन उसके दादाजी अपने बेटे से मिलने उनके शहर आए थे
तब उन्होंने देखा की उनका पोता बहुत ही गुस्सैल हो गया है
इस पर उसके दादजी उस बच्चे के पास जा कर उससे बात करने लगे
वह बच्चा अपने दादाजी की बहुत इज़्ज़त करता था
दादजी के पूछने पर उसने बताया की वह खुद भी अपने इस गुस्सैल रवैये से तंग आ चूका है
और इतना गुस्सा करने की वजह से उसके सारे दोस्त भी उससे दूर हो चुके थे
यह सुनते ही दादाजी ने एक कीलों से भरा थैला और एक हथौड़ा, उस बच्चे को पकड़ा दिया
और बोले की जब भी तुम्हे गुस्सा आए, एक कील जाके अपने घर के सामने लगी लकड़ी की दीवार पर ठोक देना
बच्चा अपने दादाजी के कहे अनुसार ऐसा करने लगा
पहले दिन उसने दीवार पर कुल 34 कील ठोक दिए
अगले दिन वो कील ठोक ठोक के थोड़ा थक गया था और हर कील उसे याद दिलाता था की वो गुस्सा कर रहा है
अगले दिन उसने कुल 30 कील ठोके
ऐसे रोज़ उसके कील कुछ कुछ काम होते गए
और एक महीने में उसके कील दिन में बस एक दो हो गए थे
एक महीने बाद दादाजी ने जब यह देखा तो उसके पास गए
लड़का बोला - " दादाजी हर कील मुझे मेरे गुस्सैल होने के बारे में याद दिलाता था, और साथ ही गुस्सा काम करने की सलाह देता था "
लड़का - " बस यही वजह रही की मेरे कील दिन बा दिन काम होते चले गए"
लड़का - " पर दादाजी मेरे अभी भी कोई दोस्त नहीं है "
दादाजी उसकी बात ध्यान से सुन रहे थे
यह पूछने पर, वह उसे लेकर उस दीवार के पास गए
फिर उन्होंने एक कील निकला, फिर दूसरा, ऐसा करके उन्होंने आठ दस कील निकाल दिए
जब आठ दस कील निकल गए, तो दीवार पूरी तरह से छेदों से भरी हुई थी
दादाजी - " बस इस दीवार पर छूटे निशानों की ही तरह तुम्हारे अपनी बात वापस लेने के बाद भी तुम्हारी कही बातो के निशान सामने वाले पर हमेशा के लिए रह जाते है "
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values):
यह कहानी कई सीख देती है
1) सही समय पर सही शिक्षक आप की ज़िन्दगी बदल सकता है
इसलिए सही शिक्षक ढूंढिए
इसी तरह एक बुरा शिक्षक आपकी पूरी ज़िन्दगी खराब कर सकता है
तो अपना शिक्षक पूरी ज़िम्मेदारी से चुनें
2) गुस्से में कही हुई बातें चाहे कितनी भी झूठी क्यों न हो, पर सामने वाले पर जो असर करती है उसे मिटाना लगभग नामुमकिन ही होता है
गुस्से में कुछ भी बोलने से बचें
क्यूंकि रिश्ते बनाने में काफी समय लगता है, पर तोड़ने में बस एक सेकंड
3) अपने अंदर सीखने और सुधार करने की शक्ति को कभी ख़त्म मत होने देना
अगर वह लड़का यह पूरी युक्ति आज़माता ही नहीं तो कभी सुधर नहीं पता
इसलिए कुछ सीखने का जज़्बा अपने अंदर हमेशा ज़िंदा रखो
2) छोटा बच्चा और आइस क्रीम - Short Hindi Stories with Moral Values
एक बार एक छोटा सा बच्चा एक आइस क्रीम की दुकाम में गया
उसका आइस क्रीम खाने का बहुत मन था
वो अपने जोड़े हुए पैसे हाथो में लेकर, काउंटर पर गया
वहां उसने सामने कड़ी लड़की से पूछा
की बड़ी आइस क्रीम का क्या दाम है
लड़की ने जवाब दिया 50 रुपये
फिर छोटे बच्चे ने अपने हाथो में लाए सिक्कों को गिना
उसके बाद उसने पूछा की उससे छोटी आइस क्रीम कितने की है
इस पर उस लड़की ने बेरुखी से बोला 40 रुपये का
उस लड़की को लग रहा था की वह बच्चा उसका बेकार में समय खराब कर रहा है
छोटे लड़के ने उस लड़की को एक 40 रुपये वाली आइस क्रीम देने को कहा
ऐसा कहकर वह एक कुर्सी में जा कर बैठ गया
थोड़ी देर में लड़की उसके पास आइस क्रीम लेकर पहुंची
बच्ची ने बड़े चाव से आइस क्रीम खाई और फिर बिल मंगवाया
उसने बिल की पेमेंट के तौर पर हाथ में जितने भी सिक्के थे सब रख कर चला गया
उसके जाते ही लड़की उस टेबल पर गयी और रखे हुए पैसे देख कर हैरान रह गयी
उस छोटे से लड़के ने टेबल पर पूरे 50 रुपये रखे हुए थे 40 आइस क्रीम की कीमत और 10 रुपये लड़की के लिए टिप
यह देख कर उस लड़की के आँखों से आंसू आ गए
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values):
इस कहानी से भी कई सीख मिलती है
1) कभी भी किसी को छोटा समझ कर उसको नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए
वह बच्चा भले ही छोटा था पर अपनी दूकान में आया हर व्यक्ति आपकी रोज़ी का कारण होता है और उसके साथ पूरी नम्रता से बात करनी चाहिए
फिर भले ही वो छोटा हो या गरीब हो
वैसे भी आप उसे कुछ फ्री में तो दे नहीं रहे तो काम से काम उसे वह इज़्ज़त और प्यार तो दीजिये जो उसका हक़ है और जो उसे वापस आपकी दुकान में आने की वजह देगा
2) अपने साथ साथ दुसरो का भी सोचना चाहिए
उस बच्चे का अपने से पहले उस लड़की के बारे में सोचना न सिर्फ उस लड़की का पूरा दिन बना देगा
बल्कि उस लड़की को भी दूसरों के बारे में सोचने की एक ज़िन्दगी भर चलने वाली सीख भी दे जाएगा
3) एक नेक व्यक्ति होने के लिए न आपको पैसो की न ही उम्र की ज़रूरत पड़ती है
कोई भी बिना किसी बाहरी चीज़ के मन से एक नेक व्यक्ति बन कर समाज में अच्छे फैला सकता है
उसका आइस क्रीम खाने का बहुत मन था
वो अपने जोड़े हुए पैसे हाथो में लेकर, काउंटर पर गया
वहां उसने सामने कड़ी लड़की से पूछा
की बड़ी आइस क्रीम का क्या दाम है
लड़की ने जवाब दिया 50 रुपये
फिर छोटे बच्चे ने अपने हाथो में लाए सिक्कों को गिना
उसके बाद उसने पूछा की उससे छोटी आइस क्रीम कितने की है
इस पर उस लड़की ने बेरुखी से बोला 40 रुपये का
उस लड़की को लग रहा था की वह बच्चा उसका बेकार में समय खराब कर रहा है
छोटे लड़के ने उस लड़की को एक 40 रुपये वाली आइस क्रीम देने को कहा
ऐसा कहकर वह एक कुर्सी में जा कर बैठ गया
थोड़ी देर में लड़की उसके पास आइस क्रीम लेकर पहुंची
बच्ची ने बड़े चाव से आइस क्रीम खाई और फिर बिल मंगवाया
उसने बिल की पेमेंट के तौर पर हाथ में जितने भी सिक्के थे सब रख कर चला गया
उसके जाते ही लड़की उस टेबल पर गयी और रखे हुए पैसे देख कर हैरान रह गयी
उस छोटे से लड़के ने टेबल पर पूरे 50 रुपये रखे हुए थे 40 आइस क्रीम की कीमत और 10 रुपये लड़की के लिए टिप
यह देख कर उस लड़की के आँखों से आंसू आ गए
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values):
इस कहानी से भी कई सीख मिलती है
1) कभी भी किसी को छोटा समझ कर उसको नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए
वह बच्चा भले ही छोटा था पर अपनी दूकान में आया हर व्यक्ति आपकी रोज़ी का कारण होता है और उसके साथ पूरी नम्रता से बात करनी चाहिए
फिर भले ही वो छोटा हो या गरीब हो
वैसे भी आप उसे कुछ फ्री में तो दे नहीं रहे तो काम से काम उसे वह इज़्ज़त और प्यार तो दीजिये जो उसका हक़ है और जो उसे वापस आपकी दुकान में आने की वजह देगा
2) अपने साथ साथ दुसरो का भी सोचना चाहिए
उस बच्चे का अपने से पहले उस लड़की के बारे में सोचना न सिर्फ उस लड़की का पूरा दिन बना देगा
बल्कि उस लड़की को भी दूसरों के बारे में सोचने की एक ज़िन्दगी भर चलने वाली सीख भी दे जाएगा
3) एक नेक व्यक्ति होने के लिए न आपको पैसो की न ही उम्र की ज़रूरत पड़ती है
कोई भी बिना किसी बाहरी चीज़ के मन से एक नेक व्यक्ति बन कर समाज में अच्छे फैला सकता है
3) अपनी कीमत पहचानो - Short Hindi Stories with Moral Values
एक बड़ी सी कंपनी के कई सौ लोगो को एक स्पीच देते वक़्त एक व्यक्ति ने एक ऐसा उदाहरण दिया जिसे हर किसी को जानना और समझना चाहिए
उसने अपनी जेब से एक 2000 का नोट निकला और बोला की यह नोट कौन कौन लेना चाहेगा
वहां बैठे लगभग हर व्यक्ति ने उत्साह में अपना हाथ उठा लिया
फिर उन्होंने उस नोट को फेक दिया
और फिरसे वही सवाल पूछा की कौन कौन उस नोट को लेना चाहेगा
लगभग सभी ने फिरसे हाथ उठाया
उसके बाद उसने उस नोट को बुरी तरह मोड़ मरोड़ के कागज़ के टुकड़े की तरह फेक दिया
और फिर पूछा की कौन कौन उस नोट को लेना चाहेगा
लगभग सबने फिरसे हाथ उठाया
इसके बाद वहां रखे एक गमले के कीचड में उसने उस नोट को डाल दिया
और फिरसे वही सवाल पूछा
भीड़ में ज़्यादातर लोग अभी भी उस नोट को लेने के लिए तय्यार थे
फिर क्या था उसने उस नोट को उठा के एक जगह रख दिया
और एक कागज़ के टुकड़े को उठा कर सबसे वही सवाल पूछा
की कौन कौन इसे लेना चाहेगा
बहुत काम लोगों ने हाथ उठाया
फिर उसने उस कागज़ को मोड़ मड़ोड़ कर फेक दिया, और बोला अब कौन कौन उसे लेना चाहेगा
किसी ने भी हाथ नहीं उठाया
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values):
इस कहानी से एक बहुत ही गहरी सीख मिलती है
जैसा की आपने देखा वह नोट को लोग कीचड में सना होने के बावजूद भी लेने को तय्यार थे
वहीँ कागज़ को बिना किसी बुराई के भी लेने को तय्यार नहीं थे
इसकी सीधी सी यही वजह है की अगर आप में वो उपयोगिता वो गुण हैं जो कीमती हो तो तुम्हारी कैसी भी दशा क्यों न हो जाए तुम्हारी हमेशा कीमत खरी रहेगी
वहीँ तुममे अगर अच्छे गुण न हो तो तुम्हारी कोई भी कीमत नहीं करेगा, फिर भले ही तुम कहीं के राष्ट्रपति ही क्यों न हो
इसलिए अपनी कीमत बढ़ानी हो तो अपने अंदर के गुण बढ़ाओ
उसने अपनी जेब से एक 2000 का नोट निकला और बोला की यह नोट कौन कौन लेना चाहेगा
वहां बैठे लगभग हर व्यक्ति ने उत्साह में अपना हाथ उठा लिया
फिर उन्होंने उस नोट को फेक दिया
और फिरसे वही सवाल पूछा की कौन कौन उस नोट को लेना चाहेगा
लगभग सभी ने फिरसे हाथ उठाया
उसके बाद उसने उस नोट को बुरी तरह मोड़ मरोड़ के कागज़ के टुकड़े की तरह फेक दिया
और फिर पूछा की कौन कौन उस नोट को लेना चाहेगा
लगभग सबने फिरसे हाथ उठाया
इसके बाद वहां रखे एक गमले के कीचड में उसने उस नोट को डाल दिया
और फिरसे वही सवाल पूछा
भीड़ में ज़्यादातर लोग अभी भी उस नोट को लेने के लिए तय्यार थे
फिर क्या था उसने उस नोट को उठा के एक जगह रख दिया
और एक कागज़ के टुकड़े को उठा कर सबसे वही सवाल पूछा
की कौन कौन इसे लेना चाहेगा
बहुत काम लोगों ने हाथ उठाया
फिर उसने उस कागज़ को मोड़ मड़ोड़ कर फेक दिया, और बोला अब कौन कौन उसे लेना चाहेगा
किसी ने भी हाथ नहीं उठाया
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values):
इस कहानी से एक बहुत ही गहरी सीख मिलती है
जैसा की आपने देखा वह नोट को लोग कीचड में सना होने के बावजूद भी लेने को तय्यार थे
वहीँ कागज़ को बिना किसी बुराई के भी लेने को तय्यार नहीं थे
इसकी सीधी सी यही वजह है की अगर आप में वो उपयोगिता वो गुण हैं जो कीमती हो तो तुम्हारी कैसी भी दशा क्यों न हो जाए तुम्हारी हमेशा कीमत खरी रहेगी
वहीँ तुममे अगर अच्छे गुण न हो तो तुम्हारी कोई भी कीमत नहीं करेगा, फिर भले ही तुम कहीं के राष्ट्रपति ही क्यों न हो
इसलिए अपनी कीमत बढ़ानी हो तो अपने अंदर के गुण बढ़ाओ
4) बिना पूरी चीज़ जाने किसी को मत आंको - Short Hindi Stories with Moral Values
एक बार एक आदमी अपने बेटे के साथ ट्रैन में सफर कर रहा था
उनकी सीट खिड़की की तरफ वाली थी
लड़का लगभग 24-25 साल का होगा
पर वह लड़का बहार देख कर बड़ा ही खुश और अचंभित सा लग रहा था
थोड़ी देर बहार देखने के बाद वह अपने पिता से बोला
पिताजी यह सारे पेड़ और चीज़ें उलटी क्यों चल रही है
यह सुनते ही उसके पिताजी के चेहरे पर एक सुकून भरी मुस्कान थी
आस पास में बैठे लोग उस लड़के को अजीब नज़रों से देख रहे थे
इतने में ही पास में बैठे एक आदमी ने उसके पिता से कहा
आपका लड़का बीमार मालूम होता है
इसे किसी अच्छे से डॉक्टर को दिखा दीजिये
इस पर उसके पिता का जवाब सुनते ही सबके चेहरे एकदम अचंभित हो गए, साथ ही सबके चेहरों से लग्र था मानो माफ़ी मांग रहे हो
उसके पिता ने कहा था
पिता - " अभी डॉक्टर के ही पास से आ रहा हु जनाब, आज ही इसकी आँखों की रौशनी वापस आई है, इसलिए पहली बार दुनिया को देख कर खुश है "
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values) :
यह कहानी बहुत ही गहरी और ज़िन्दगी भर उपयोगी सीख देने वाली है
इससे हम सीखते है की किसी भी चीज़ का आंकलन करने से पहले पूरी कहानी जान लेनी चाहिए
आधी कहानी जान कर कभी भी किसी को नहीं आंकना चाहिए
अक्सर हम लोगों को उनके रैंड रूप से ही आंक लेते है, बिना उन्हें अच्छी तरह जाने
यह न सिर्फ गलत बल्कि कई बार कुछ ऐसे घाव छोड़ जाता है सामने वाले पर जिसे मिटाना काफी मुश्किल हो जाता है
उनकी सीट खिड़की की तरफ वाली थी
लड़का लगभग 24-25 साल का होगा
पर वह लड़का बहार देख कर बड़ा ही खुश और अचंभित सा लग रहा था
थोड़ी देर बहार देखने के बाद वह अपने पिता से बोला
पिताजी यह सारे पेड़ और चीज़ें उलटी क्यों चल रही है
यह सुनते ही उसके पिताजी के चेहरे पर एक सुकून भरी मुस्कान थी
आस पास में बैठे लोग उस लड़के को अजीब नज़रों से देख रहे थे
इतने में ही पास में बैठे एक आदमी ने उसके पिता से कहा
आपका लड़का बीमार मालूम होता है
इसे किसी अच्छे से डॉक्टर को दिखा दीजिये
इस पर उसके पिता का जवाब सुनते ही सबके चेहरे एकदम अचंभित हो गए, साथ ही सबके चेहरों से लग्र था मानो माफ़ी मांग रहे हो
उसके पिता ने कहा था
पिता - " अभी डॉक्टर के ही पास से आ रहा हु जनाब, आज ही इसकी आँखों की रौशनी वापस आई है, इसलिए पहली बार दुनिया को देख कर खुश है "
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values) :
यह कहानी बहुत ही गहरी और ज़िन्दगी भर उपयोगी सीख देने वाली है
इससे हम सीखते है की किसी भी चीज़ का आंकलन करने से पहले पूरी कहानी जान लेनी चाहिए
आधी कहानी जान कर कभी भी किसी को नहीं आंकना चाहिए
अक्सर हम लोगों को उनके रैंड रूप से ही आंक लेते है, बिना उन्हें अच्छी तरह जाने
यह न सिर्फ गलत बल्कि कई बार कुछ ऐसे घाव छोड़ जाता है सामने वाले पर जिसे मिटाना काफी मुश्किल हो जाता है
5) कुछ लोग बस कमियाँ ही निकलते है - Short Hindi Stories with Moral Values
एक वक़्त की बात है
एक आदमी को बन्दूक से शिकार करने का बड़ा शौक था
वह रोज़ समुन्दर क पास जा कर बगूलों का शिकार करता था
पर पानी में गिरने के कारण वो हर बगूले को पकड़ नहीं पता था
इस से परेशान हो कर एक दिन वह एक कुत्ता खरीद लाया
उस कुत्ते की यह खासियत थी की वह पानी में आराम से तैर कर बगूलों को पकड़ कर ले आता था
फिर क्या था शिकारी शिकार करता था और कुत्ता तुरंत तैर कर जा कर बगूले ले आता
इस से उस शिकारी का मुनाफा भी बढ़ गया था
शिकारी बहुत खुश था
और उसने इस अद्भुत कुत्ते को सबको दिखने का निश्चय किया
एक दिन एक दोस्त को अपने साथ शिकार पर बुला कर शिकारी उसे अपना न्य कुत्ता और उसका हुनर दिखाना चाहता था
दोस्त आ तो गया, पर उसका मिजाज़ अजीब सा था
पूरे दिन शिकारी शिकार करता रहा और कुत्ता तेज़ी से जा कर तैरते हुए बगूले लाता रहा
शिकारी बड़ी उम्मीद से दोस्त से कुत्ते की तारीफ़ सुनने के लिए बेताब था
पर दोस्त था की उस बारे में कुछ बोलता ही नहीं था
फिर थका हारा पूरे दिन शिकार कर कर के, शिकारी अब थक गया था
अब बिना संकोच किये उसने अपने दोस्त से सीधा पूछ ही लिया
शिकारी - " और बताओ दोस्त, मेरे इस कुत्ते के बारे में तुम्हारा क्या कहना है ? "
इस पर दोस्त बोला
दोस्त - " बाकी सब तो ठीक है पर तुम्हारा ये कुत्ता पानी पर चल नहीं सकता "
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values) :
यह कहानी हमें ये सिखाती है की कुछ लोग बस कमियां ही ढूँढ़ते है
ऐसे कई लोग आपके चारो तरफ देखने को मिल जाएंगे जो कैसी भी चीज़ क्यों न हो कुछ न कुछ कमी खोज के बता देंगे
कमियां बताना बुरा नहीं है पर हर चीज़ में अत्यधिक कमियां ही ढूढ़ना बहुत बुरा है
ऐसे लोगों से अपने उत्साह को कभी भी आहात न होने दें
और अगर उनकी बातों से आपका उत्साह काम होता है तो उनसे दूरी बनाना ही बेहतर है
एक आदमी को बन्दूक से शिकार करने का बड़ा शौक था
वह रोज़ समुन्दर क पास जा कर बगूलों का शिकार करता था
पर पानी में गिरने के कारण वो हर बगूले को पकड़ नहीं पता था
इस से परेशान हो कर एक दिन वह एक कुत्ता खरीद लाया
उस कुत्ते की यह खासियत थी की वह पानी में आराम से तैर कर बगूलों को पकड़ कर ले आता था
फिर क्या था शिकारी शिकार करता था और कुत्ता तुरंत तैर कर जा कर बगूले ले आता
इस से उस शिकारी का मुनाफा भी बढ़ गया था
शिकारी बहुत खुश था
और उसने इस अद्भुत कुत्ते को सबको दिखने का निश्चय किया
एक दिन एक दोस्त को अपने साथ शिकार पर बुला कर शिकारी उसे अपना न्य कुत्ता और उसका हुनर दिखाना चाहता था
दोस्त आ तो गया, पर उसका मिजाज़ अजीब सा था
पूरे दिन शिकारी शिकार करता रहा और कुत्ता तेज़ी से जा कर तैरते हुए बगूले लाता रहा
शिकारी बड़ी उम्मीद से दोस्त से कुत्ते की तारीफ़ सुनने के लिए बेताब था
पर दोस्त था की उस बारे में कुछ बोलता ही नहीं था
फिर थका हारा पूरे दिन शिकार कर कर के, शिकारी अब थक गया था
अब बिना संकोच किये उसने अपने दोस्त से सीधा पूछ ही लिया
शिकारी - " और बताओ दोस्त, मेरे इस कुत्ते के बारे में तुम्हारा क्या कहना है ? "
इस पर दोस्त बोला
दोस्त - " बाकी सब तो ठीक है पर तुम्हारा ये कुत्ता पानी पर चल नहीं सकता "
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values) :
यह कहानी हमें ये सिखाती है की कुछ लोग बस कमियां ही ढूँढ़ते है
ऐसे कई लोग आपके चारो तरफ देखने को मिल जाएंगे जो कैसी भी चीज़ क्यों न हो कुछ न कुछ कमी खोज के बता देंगे
कमियां बताना बुरा नहीं है पर हर चीज़ में अत्यधिक कमियां ही ढूढ़ना बहुत बुरा है
ऐसे लोगों से अपने उत्साह को कभी भी आहात न होने दें
और अगर उनकी बातों से आपका उत्साह काम होता है तो उनसे दूरी बनाना ही बेहतर है
6) जिराफ और उसका बच्चा - Short Hindi Stories with Moral Values
आप जानते ही होंगे की जिराफ दुनिआ का सबसे लम्बा जानवर होता है
वोह इतना लम्बा होता है की उसकी टाँगे लगभग उसके पूरे शरीर के आधे हिस्से के बराबर होती है
इतने बड़े जानवर को भागने और चलने में कोई दिक्कत न हो इसलिए उसकी टांगो को कुदरत ने बहोत ही मज़बूत बनाया होता है
कहा जाता है की अगर जिराफ की टांग की सीढ़ी मार किसी शेर को भी पद जाए तो वह शेर वही मर जाएगा
इतनी मज़बूत टांगो के ही बलबूते जिराफ अच्छी तेज़ी के साथ चल और भाग सकता है
पर यह सब तब हैरान करने वाला बन जाता है जब आपको पता चलेगा की जिराफ अपने बच्चे के साथ क्या करता है
एक मादा जिराफ अपने बच्चे को जनम देने के तुरंत बाद कुछ एक दो मिनट इंतज़ार करने के बाद ही अपने बच्चे को कसकर लात मारती है
एक तो जिराफ के इतने लम्बे होने की वजह से बच्चा वैसे ही बहोत ऊंचाई से गिरता है
उस पर पैदा होते ही माँ की लात कहते ही बच्चे के होश उड़ जाते है
अगर बच्चा पहली लात खाते ही उठ के अपने पैरों पर न खड़ा हो जाए तो माँ उसे और लातें मारती है
जिस लात के प्रहार से जंगल का राजा शेर भी डरता है, माँ अपने इतने छोटे से बच्चे को वो लातें क्यों मरती है, यह आके भी ज़ेहन में चल रहा होगा
इसके पीछे भी कुदरत का एक नायाब नियाम होता है
अगर माँ उस बच्चे को टाँगे मार मार कर अपने पैरों पर खड़े होने को न मजबूर कर दे, तो वह बच्चा वहीँ पड़ा पड़ा कमज़ोर रह जाएगा और जंगल में घुमरे अनेक शिकारियों में से किसी न किसी का शिकार बन जाएगा
उसे ज़िंदा रखने के लिए उसका अपने पैरो पर जल्द से जल्द खड़ा होना बहोत ज़रूरी होता है
इसी वजह से उस लातों से होनी वाली चोट को जानते हुए भी माँ अपने बच्चे को बचने और अपने पैरो पर खड़ा करने के लिए इतना कठोर निर्णय लेती है
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values) :
यह कहानी बहुत ही गहरी सीख देती है
कई बार हमें लगता है की ज़िन्दगी हमारे साथ बहुत ही नाइंसाफ़ी कर रही है
पर सच तो यह होता है की सबसे कीमती हीरे सबसे ज़्यादा दवाब की वजह से ही कीमती बन पाते है
इसलिए हमेशा अपनी ज़िन्दगी में आने वाली मुश्किलों को एक सीख की तरह देखो जो आपको बेहतर बनाने के लिए भेजी गयी है
बस अपने इतने से बदले नज़रिये से आप उन परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपट कर एक बेहतर इंसान बन कर उभरोगे
वोह इतना लम्बा होता है की उसकी टाँगे लगभग उसके पूरे शरीर के आधे हिस्से के बराबर होती है
इतने बड़े जानवर को भागने और चलने में कोई दिक्कत न हो इसलिए उसकी टांगो को कुदरत ने बहोत ही मज़बूत बनाया होता है
कहा जाता है की अगर जिराफ की टांग की सीढ़ी मार किसी शेर को भी पद जाए तो वह शेर वही मर जाएगा
इतनी मज़बूत टांगो के ही बलबूते जिराफ अच्छी तेज़ी के साथ चल और भाग सकता है
पर यह सब तब हैरान करने वाला बन जाता है जब आपको पता चलेगा की जिराफ अपने बच्चे के साथ क्या करता है
एक मादा जिराफ अपने बच्चे को जनम देने के तुरंत बाद कुछ एक दो मिनट इंतज़ार करने के बाद ही अपने बच्चे को कसकर लात मारती है
एक तो जिराफ के इतने लम्बे होने की वजह से बच्चा वैसे ही बहोत ऊंचाई से गिरता है
उस पर पैदा होते ही माँ की लात कहते ही बच्चे के होश उड़ जाते है
अगर बच्चा पहली लात खाते ही उठ के अपने पैरों पर न खड़ा हो जाए तो माँ उसे और लातें मारती है
जिस लात के प्रहार से जंगल का राजा शेर भी डरता है, माँ अपने इतने छोटे से बच्चे को वो लातें क्यों मरती है, यह आके भी ज़ेहन में चल रहा होगा
इसके पीछे भी कुदरत का एक नायाब नियाम होता है
अगर माँ उस बच्चे को टाँगे मार मार कर अपने पैरों पर खड़े होने को न मजबूर कर दे, तो वह बच्चा वहीँ पड़ा पड़ा कमज़ोर रह जाएगा और जंगल में घुमरे अनेक शिकारियों में से किसी न किसी का शिकार बन जाएगा
उसे ज़िंदा रखने के लिए उसका अपने पैरो पर जल्द से जल्द खड़ा होना बहोत ज़रूरी होता है
इसी वजह से उस लातों से होनी वाली चोट को जानते हुए भी माँ अपने बच्चे को बचने और अपने पैरो पर खड़ा करने के लिए इतना कठोर निर्णय लेती है
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values) :
यह कहानी बहुत ही गहरी सीख देती है
कई बार हमें लगता है की ज़िन्दगी हमारे साथ बहुत ही नाइंसाफ़ी कर रही है
पर सच तो यह होता है की सबसे कीमती हीरे सबसे ज़्यादा दवाब की वजह से ही कीमती बन पाते है
इसलिए हमेशा अपनी ज़िन्दगी में आने वाली मुश्किलों को एक सीख की तरह देखो जो आपको बेहतर बनाने के लिए भेजी गयी है
बस अपने इतने से बदले नज़रिये से आप उन परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपट कर एक बेहतर इंसान बन कर उभरोगे
7) एक भाई का प्यार - Short Hindi Stories with Moral Values
यह एक बहुत ही प्यारी कहानी एक दो छोटे बच्चों की
एक बार की बात है एक भाई और उसकी बेहेन को एक बहुत ही दुर्लभ बीमारी हो गयी थी
भाई को बीमारी पहले हो गयी थी
पर कुछ समय के बाद उसके शहीर ने डॉक्टरों की कुछ मदद से खुद-ब-खुद उस बीमारी से लड़ने का तरीका ढूंढ लिया था
शरीर में इस बीमारी से लड़ने की क्षमता के चलते डॉक्टर उसके खून का इस्तेमाल करके उसकी बहन का इलाज करना चाहते थे
डॉक्टर के हिसाब से यही एक तरीका था जिससे उसकी बहन की जान बच सकती थी
थोड़ा सोचने के बाद, बच्चा तैयार हो गया अपनी बहन की जान बचाने के लिए
डॉक्टरों ने उस बच्चे को साथ ही एक बिस्तर पर लिटा दिया और उसके खून का इस्तेमाल करने लगे
थोड़े समय के बाद बच्चे से अचानक ही डॉक्टर से पूछा
क्या मैं ऐसे ही धीरे धीरे मर जाऊंगा या ज़्यादा तकलीफ होगी
यह सुन कर डॉक्टर हैरान रह गए
बच्चे को लग रहा था की उसे अपना पूरा खून देना होगा बहन की जान बचते हुए
और ऐसा सोचते हुए ही वो तैयार हुआ था
डॉक्टरों की आँखों से आंसू आ गए
Moral (Short Hindi Stories with Moral Values) :
किसी ने सच ही कहा है, बच्चो में भगवान् बास्ते हैं
वह बच्चा अपनी बहन की जान बचाने के लिए अपनी जान तक देने को तैयार था
ऐसा बलिदान और प्यार अगर हर किसी के मन में जाग जाए तो यह दुनिआ कितनी खूबसूरत बन जाएगी
हम सबको पता है की हमे एक न एक दिन मरना है फिरभी हम इस दुनयावी ज़िन्दगी में मशग़ूल होकर इतने मतलबी बन जाते है की दूसरों की परवाह कारण यही छोड़ देते है
जबकि सच तो यह है की दूसरों की मदद कर के जो सुकून मिलता है वह दुनिआ की हर दौलत से बड़ा होता है
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भाई को बीमारी पहले हो गयी थी
पर कुछ समय के बाद उसके शहीर ने डॉक्टरों की कुछ मदद से खुद-ब-खुद उस बीमारी से लड़ने का तरीका ढूंढ लिया था
शरीर में इस बीमारी से लड़ने की क्षमता के चलते डॉक्टर उसके खून का इस्तेमाल करके उसकी बहन का इलाज करना चाहते थे
डॉक्टर के हिसाब से यही एक तरीका था जिससे उसकी बहन की जान बच सकती थी
थोड़ा सोचने के बाद, बच्चा तैयार हो गया अपनी बहन की जान बचाने के लिए
डॉक्टरों ने उस बच्चे को साथ ही एक बिस्तर पर लिटा दिया और उसके खून का इस्तेमाल करने लगे
थोड़े समय के बाद बच्चे से अचानक ही डॉक्टर से पूछा
क्या मैं ऐसे ही धीरे धीरे मर जाऊंगा या ज़्यादा तकलीफ होगी
यह सुन कर डॉक्टर हैरान रह गए
बच्चे को लग रहा था की उसे अपना पूरा खून देना होगा बहन की जान बचते हुए
और ऐसा सोचते हुए ही वो तैयार हुआ था
डॉक्टरों की आँखों से आंसू आ गए
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किसी ने सच ही कहा है, बच्चो में भगवान् बास्ते हैं
वह बच्चा अपनी बहन की जान बचाने के लिए अपनी जान तक देने को तैयार था
ऐसा बलिदान और प्यार अगर हर किसी के मन में जाग जाए तो यह दुनिआ कितनी खूबसूरत बन जाएगी
हम सबको पता है की हमे एक न एक दिन मरना है फिरभी हम इस दुनयावी ज़िन्दगी में मशग़ूल होकर इतने मतलबी बन जाते है की दूसरों की परवाह कारण यही छोड़ देते है
जबकि सच तो यह है की दूसरों की मदद कर के जो सुकून मिलता है वह दुनिआ की हर दौलत से बड़ा होता है
अगर आपको ये कहानियां अच्छी लगी हो तो ना सिर्फ अपने दोस्तों और परिवार वालो को बल्कि हर उस शख्स को इसे भेजो जो इसे पढ़ कर नेकी करने का सोच पाए
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