Best Hindi Motivational Stories - Best हिंदी Motivational kahaniyein
इन कहानियों में आपको पूरी तरह से बदलने की ताकत है (These Best Hindi Motivational Stories can change your Life Forever)
शायद आपको मेरी बातें हवाई लग रही होगी पर खुद पढ़ कर देखिये,
और अगर वाक़ई में आपका ज़मीर जाग जाए या अंदर वो आग पैदा हो तो ये आग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों में भी फैला देना
1) आपका Attitude निश्चित करता है की आप कैसे बनोगे - Best Hindi Motivational Stories
एक बार की बात है एक लड़की थी जो अपने रोज़ मर्रा के काम काज से परेशान हो चुकी थी
उसे लग रहा था की उसकी ज़िन्दगी में कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है
जिस भी चीज़ में वो हाथ डालती वो बिगड़ ही जाती थी
ऐसा काफी समय होने पर उसने अपने पिता से जाकर पूछा की पिताजी मेरी ज़िन्दगी ही इतनी बुरी क्यों है और मई ही हमेशा क्यों हार जाती हु
उसके पिता एक बावर्ची थे तो उसकी ये दुविधा देखकर उन्होंने उसे एक प्रयोग के ज़रिये समझने की कोशिश की
उन्होंने तीन हांड़ी में थोड़ा थोड़ा पानी ले कर उन्हें आग पर रख दिया
फिर पहली हांड़ी में एक आलू दाल दिया
वहीं दूसरी हांड़ी में एक अंडा दाल दिया
तीसरी हांड़ी में उन्होंने चाय पत्ती दाल दी
फिर अपनी बेटी को तीनो हँडियो को गौर से देखने को कहा
वो काफी देर तक सब गौर से देखती रही, पर कुछ समझ नहीं पायी
वो बोली " पापा मैंने आपसे एक जवाब माँगा था आप ये क्या हँडियो को गरम करने लग गए "
लड़की - " इनमे तो कोई बदलाव भी नहीं दिख रहा है, तीनो हांड़ी बहार से एक सामान ही नज़र आ रही है "
लड़की - " तीनो की आंच भी एक सामान है, प्लीज कुछ बताओ "
यह सुनकर उसके पापा ने तीनो हँडियो को आग से उतरा
फिर एक एक करके हंडियां लड़की को दिखने लगे
पापा - " बेटा यह देखो पहली हांड़ी को, इसमें जो आलू एकदम सख्त डाला था वो अब बिलकुल नरम हो चूका है"
चम्मच से आलू को दबाते हुए उन्होंने कहा
पापा - " वहीँ ये अंडा जोकि बीएस ये ऊपरी छिलके पर टिका हुआ था एकदम सख्त हो चुका है "
उन्होंने अंडे को चम्मच से मारते हुए दिखाया
पापा - " वहीँ ये तीसरी हांड़ी में चाय उबाल रही है जिसकी खुसबू भर किसी को स्वस्थ करने में सक्षम है "
लड़की - " पर पापा इससे क्या मतलब, मई कुछ समझ नहीं प् रही हु "
इसपर पापा ने विनम्रता से बताया
जैसा की तुम देख सकती हो ये हांड़ी और आग जीवन में आपकी परिस्थितियां होती है
तीनो के लिए हांड़ी और आग बिलकुल एक सामान थे
पर जहाँ एक सख्त और मज़बूत आलू उसमे जाकर नरम और कमज़ोर हो गया
वहीँ एक बिलकुल कमज़ोर और कभी भी टूट सकने वाला अंडा उसमे जाकर कठोर और मज़बूत हो गया
उससे भी हैरान करने वाली बात ये है की चाय की कुछ मुरझाई हुई पत्तियों ने तीसरी हांड़ी में एक मनमोहक घोल बना दिया
ये सभी चीज़ें हमारे जीवन में भी इसी तरीके से देखने को मिल जाती है
जहाँ बिलकुल सामान परिस्थितियों में कुछ मज़बूत लोग अपने कमज़ोर ढृढ़ निश्चय के चलते टूट जाते है, वहीँ कई शारीरिक कमज़ोर लोग भी अपनी इच्छा शक्ति क चलते कमाल कर जाते है ।
वहीँ इसी समाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपने साथ साथ अपने पूरे ज़िले और देख को अनमोल बना जाते है
पापा - " अब तुम बताओ बेटा तुम्हे कैसा बनना है ?"
2) जलने वालो को नज़रअंदाज़ करना सीखो - Best Hindi Motivational Stories
एक समय की बात है कुछ मेंढक एक जगह से दूसरी जगह जा रहे थे
की तभी कुछ दूर चलने पर ही उनमे से एक मेंढक एक बड़े गड्ढे में गिर गया
अब वो बेचारा अचानक ज़मीन खिसक जाने की वजह से अकेला हो गया था और काफी डरा हुआ सा था
उसने देखा की ऊपर से उसके बाकी सारे दोस्त ज़ोर ज़ोर से चिल्लारे है
दोस्तों को भी इस घटना से काफी डर लग गया था और उन्होंने ज़ोर ज़ोर से चिल्लाना शुरू कर दिया
सारे दोस्त - " ऊपर मत चढ़ना तू गिर जाएगा, तेरे से नहीं हो पाएगा "
सब दोस्त उसे नीचे ही किसी जगह छोटा सा घर धुंध कर अकेले ही ज़िन्दगी बिताने की सलाह देने लगे
थोड़े सोच विचार के बाद उस मेंढक ने फिरसे ऊपर देखा
यह देखकर वो लोग और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगे की ऊपर मत चढ़ना , तू मर जाएगा
फिर क्या था अचानक ही वह मेंढक तेज़ी से ऊपर चढ़ने की कोशिशें करने लगा
यह देख कर उसके दोस्त और तेज़ी से चिल्लाने लगे की रुक जा, मत चढ़, मर जाएगा
पर पता नहीं कहाँ से हिम्मत जुटते हुए वो मेंढक और भी तेज़ी से पूरे दृढ निश्चय के साथ ऊपर पहुँचता जा रहा था
जितना वो आगे बढ़ता उतनी ही ज़ोर ज़ोर से उसके दोस्त चिल्लाते की मत आ ऊपर, तू मर जाएगा, नीचे ही जी ले
ऐसा काफी देर तक होता रहा और थोड़ी देर में वो मेंढक ऊपर पहुंच गया
जब ऊपर पहुंच के उसके दोस्तों ने उससे पूछा की हमने तुझे इतना बोलै की मत आ तो तू ऊपर क्यों आ गया
पता चला की उसे ठीक से सुनाई नहीं देता था और वो उन लोगो के मन करने के शोर को प्रोत्साहन समझ बैठा और उसी प्रत्साहन के बलबुलटे ऊपर आ गया
बिलकुल यही हमारे जीवन में भी एकदम सच है
कई बार हमारे कई दोस्त हमे जाने अनजाने में पीछे खींचते रहते है
पर ये इच्छा शक्ति और दृढ निश्चय ही होता है जो उस शोर को प्रोत्साहन समझ कर सफल लोगो को आगे ले जाता है
3) अपने सोच के दायरे से बहार निकलो - Best Hindi Motivational Stories
यह एक बहोत ही छोटी सी पर काफी गंभीर सोच में दाल देने वाली कहानी है
जो की वाक़ई में हकीकत में भी इस्तेमाल की जाती है पूरी दुनिआ में
आप एक हाथी की ताखत को तो जानते ही होंगे
वो चाहे तो बड़े बड़े पेड़ पत्थर आसानी से उठा के यहाँ से वहां फेक दे
पर क्या आपने कभी सोचा है जो सारथी होता है वो हाथी को अपने साथ कैसे रख पाता है
ज़ू में तो हाथी को सलाखों के पीछे रखते है, कई बार बड़े बड़े गड्ढो की दूसरी तरफ, पर ये हाथी एक पतले दुबले से सारथी के साथ कैसे रह लेता है
यह पूरा खेल शुरू होता है जब हाथी छोटा सा बच्चा होता है
तब उसके पास उतनी शक्ति नहीं होती, होता है तो बस उत्साह पूरी दुनिआ घूमने का
वो तब एक जगह नहीं रुकना चाहता
तब सारथी उसे बड़े से पेड़ से बाँध देता है
अब दिन रात पूरी ताकत जुटा के भी वह हाथी का बच्चा उस बड़े से पेड़ से बंधी मोती मोती जंजीरों को तोड़ नहीं पाता
फिर कुछ महीनो तक म्हणत कर के हार मान कर वो बाकी हाथियों की तरह एक जगह रहना सीख जाता है
उसका आत्विश्वास इतना टूट जाता है की उसे कोशिश करना व्यर्थ लगने लगता है
अंदर से पूरी तरह टूटा हुआ हाथी धीरे धीरे बड़ा और शक्तिशाली तो हो जाता है पर उसका मनोबल जो पूरी तरह से टूट चुका होता है वो वापस नहीं आ पाता
और आखिर कार जो हाथी चट्टानें हिला दे, उसका मनोबल टूटने पर वो पूरी ज़िन्दगी एक छोटे से खूंटे से बंधी एक नाज़ुक सी रस्सी से बांध कर एक ही जगह बिता देता है
जी हाँ आपने सही पढ़ा, जब हाथी का मनोबल टूट जाता है तो महावत उसे छोटे से खूंटे से नाज़ुक सी रस्सी से बांधता है
जो की उसके लिए तोडना निहायती आसान होगा, पर जहाँ मनोबल ही टूटा हो वहां शारीरिक बल भी कुछ नहीं कर पाता
यही बात हमारी ज़िन्दगियों में भी बिलकुल सही है
आप सबको अपने आस पड़ोस में कोई ना कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाएगा जो काफी कुछ करने के काबिल मालूम होता है पर कर कुछ नहीं रहा होता है
ये ठीक उस हाथी की तरह है जो अपना मनोबल टूटने पर कभी उभर ह नहीं पाया
इसे हर उस व्यक्ति को भेजो जो इससे सीख कर अपनी ज़िन्दगी बेहतर बना सके
4) कबतक बनाओगे बहाने - Best Hindi Motivational Stories
Karoly Takacs नाम का एक व्यक्ति था हंगरी नामक देश में
वह हंगेरियन फ़ौज का एक सैनिक था
वह पिस्तौल शूटिंग का गोल्ड जीतने का सपना बहुत पहले ही अपने दिल में सजा बैठा था
1936 के ओलिंपिक गेम्स में शामिल होने के लिए वो पूरा तैयार था पर उस समय सिर्फ फ़ौज के आला अधिकारी ही ओलिंपिक गेम्स में हिस्सा ले सकते थे
एक सैनिक होने की वजह से बावजूद सबसे बेहतर खिलाडी होने के, उसे ओलिंपिक में खेलने नहीं दिया गया
पर उसने हार नहीं मानी और प्रैक्टिस करता रहा
कुछ सालो में यह नियम बदल गया और अब सैनिको को भी ओलिंपिक में हिस्सा लेने की अनुमति मिल गयी थी
1940 के ओलिंपिक खेलो को टारगेट कर रहे इस जांबाज़ को आखिरकार एक उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी
पर क्यूंकि वह सेना में भी था, तो एक ट्रेनिंग में हैंड ग्रेनेड फेकते समय, एक ग्रेनेड उसके सीधे हाथ में फैट गया
उस ग्रेनेड के धमाके से जान तो बच गयी पर उनका हाथ काटना पड गया
जिद बन्दे ने ओलिंपिक गोल्ड जीतने का सपना देखा हो और अगर उसे अपने सीधे हाथ को ऐसे खोना पड जाये तो आप सोच ही सकते होंगे की हौसले कितने टूट जाते है
पर यहीं पर जो दृढ निश्चय इस असाधारण इंसान ने दिखाया वह एक सबसे प्रेणादायक कहानी का आधार बन गयी
इसने पूरी मेहनत से अपने दूसरे हाथ के साथ पिस्तौल उठा के प्रैक्टिस करना शुरू कर दिया
जहाँ लोगो को सालो लग जाते है ऐसी घटनाओ से उबरने में, वहां यह तुरंत ही अपने लक्ष को पाने के लिए जुट चुका था
पूरी दिन रात की मेहनत से जल्द ही यह अपने उलटे हाथ से भी बेहतरीन शूटर बन गया
पर किस्मत भी तो मेहनती लोगो को अच्छे से आज़मा कर ही छोड़ती है
दूसरे विश्व युद्ध के चलते 1940 और फिर 1944 के भी ओलिंपिक कैंसिल हो गए थे
1910 में जन्मा ये व्यक्ति अब 38 साल का हो चुका था और साथ ही अपना सीधा हाथ भी गवा चुका था
पिस्तौल शूटिंग में हाथों का स्थिर रहना बहुत ज़रूरी होता है जो की बढ़ती उम्र के साथ मुश्किल हो जाता है
अब लोगो को भी इस का सपना टूटता हुआ दिख रहा था
पर इस आदमी का अपने सपने के प्रति लगन और दृढ़ता अलग ही थी
इसी वजह से जब उनके प्रतिद्वंद्वी ने उनसे पुछा की तुम यहां क्या कर रहे हो, तो उसका जवाब उन्होंने 1948 में गोल्ड जीत कर दिया
और जिस बन्दे से लोगों ने उम्मीदें छोड़ दी थी वो अगले ओलिंपिक में फिरसे गोल्ड जीत कर सबके मुँह बंद कर दिए
यही होता है सच्ची लगन और मेहनत का नतीजा
ना सिर्फ आप अपने सपने पूरे करते हो बल्कि आप दुसरो के लिए भी मिसाल बन जाते हो
5) कुछ बेहतर पाने के लिए अक्सर अच्छा छोड़ना पड़ता है - Best Hindi Motivational Stories
यह एक सत्य घटना है जिसे दुनिया भर में बंदरो को पकड़ने के लिए आज भी इस्तेमाल किया जाता है
आप ये जानकार हैरान हो जाएंगे की बन्दर को पकड़ने के लिए उसे चुओं की तरह पिंजरों में नहीं कैद किया जाता
बल्कि बन्दर पकड़ने वाले एक पिंजरे में कुछ मूंगफल्ली डाल कर छोड़ देते है
पिंजरा पूरा स्टील की सलाखों का बना होता है , और उसमे कुछ छेद होते है जिनका आकार इतना बड़ा होता है की खुला हुआ हाथ तो उसमे से अंदर चला जाता है
पर मूंगफल्ली उठा लेने के बाद वो मुट्ठी बना हाथ वापस बहार ना आ सके
और क्या आप सोच सकते हैं वो बन्दर हर बार क्या चुनते है
हर बार वो बंदर उस मूंगफल्ली रुपी लालच के चक्कर में अपनी आज़ादी गवा देते है
जबकि ना उन्हें वो मूंगफल्ली मिलनी है नहीं आज़ादी
ठीक ऐसा ही हमारी ज़िन्दगी में भी होता है
हमे कभी कभी कुछ बेहतर पाने के लिए कुछ अच्छी चीज़ो को छोड़ना पड़ता है
इसे सही वक़्त पर पहचानना सीखिए
Category:
Best Hindi Motivational Stories
Best Stories in Hindi with Moral
Best Hindi stories with Moral
Best Hindi stories



0 Comments